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घोषणापत्र

2026 क्रिकेट नियम: 7 जरूरी बातें

क्रिकेट के नियम हिंदी में समझने का आधार यह है कि दो टीमें, सामान्यतः 11-11 खिलाड़ियों के साथ, निर्धारित ओवरों में रन बनाने और विरोधी टीम को आउट करने की कोशिश करती हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के नियम मै...

18 अक्टू॰ 2026 5 MIN READ
2026 क्रिकेट नियम: 7 जरूरी बातें
क्रांतिकारी · क्रूरवाद · गतिशील · डिज़ाइन · क्रांतिकारी · क्रूरवाद · गतिशील · डिज़ाइन · क्रांतिकारी · क्रूरवाद · गतिशील · डिज़ाइन · क्रांतिकारी · क्रूरवाद · गतिशील · डिज़ाइन ·

2026 क्रिकेट नियम: 7 जरूरी बातें

क्रिकेट के नियम हिंदी में समझने का आधार यह है कि दो टीमें, सामान्यतः 11-11 खिलाड़ियों के साथ, निर्धारित ओवरों में रन बनाने और विरोधी टीम को आउट करने की कोशिश करती हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के नियम मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब, यानी एमसीसी, के नियमों और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद, यानी आईसीसी, की प्रतियोगिता शर्तों पर आधारित होते हैं। एक ओवर में 6 वैध गेंदें होती हैं, जबकि मानक पिच की लंबाई 22 गज होती है। टेस्ट क्रिकेट में प्रत्येक टीम को दो पारियां मिल सकती हैं, जबकि एकदिवसीय और ट्वेंटी-20 क्रिकेट में आम तौर पर एक-एक पारी होती है। स्थानीय मैचों में 8 ओवर, 16 ओवर, 9 खिलाड़ी या विशेष “मैजिक ओवर” जैसे अलग नियम लिखित रूप में लागू हो सकते हैं। इसलिए मैच शुरू होने से पहले प्रतियोगिता पुस्तिका, अंपायर और कप्तान की घोषणा अवश्य पढ़ें।

cricket players gathered around a marked pitch while an umpire explains match rules under bright stadium lights

क्रिकेट को केवल बल्ले और गेंद का खेल समझना थोड़ी जल्दबाजी होगी। असल कठिनाई उन छोटे निर्णयों में छिपी रहती है—कब गेंद वैध है, रन किस खाते में जाएगा, कैच कब पूरा माना जाएगा और बल्लेबाज किस प्रकार आउट हो सकता है। पिच रिपोर्ट पर हम मैच समीक्षा, खिलाड़ी आंकड़े, आईपीएल कवरेज तथा बल्लेबाजी और गेंदबाजी रणनीति के साथ ऐसे नियमों को रोजमर्रा की भाषा में समझाते हैं। नियम याद करने से अधिक जरूरी है उनका क्रम समझना; यही वह बात है जिसे नए दर्शक अक्सर छोड़ देते हैं, और फिर अपील के समय उलझ जाते हैं। मानिए या न मानिए—मैं ऐसा ही मानता हूँ।

अधिक उपयोगी क्रिकेट विश्लेषण पढ़ने के लिए यह शुरुआती मार्गदर्शिका भी देख सकते हैं: क्रिकेट की बुनियादी जानकारी

नियमों को मैदान पर लागू होते हुए समझना चाहते हैं? नीचे से शुरुआत करें।

और जानें

यदि आप मैदान की संरचना समझना चाहते हैं: पिच और खिलाड़ी पहले जानें

क्रिकेट मैदान में 22 गज की पिच, दोनों सिरों पर विकेट, क्रीज और चारों ओर सीमा रेखा होती है। मानक मुकाबले में प्रत्येक टीम में 11 खिलाड़ी होते हैं, जिनमें बल्लेबाज, गेंदबाज, विकेटकीपर और क्षेत्ररक्षक शामिल रहते हैं। टॉस जीतने वाला कप्तान पहले बल्लेबाजी या गेंदबाजी चुनता है, हालांकि वर्षा, रोशनी या प्रतियोगिता की शर्तों के कारण निर्णय प्रक्रिया बदल सकती है। एमसीसी के नियमों में अंपायरों की भूमिका निर्णायक है; आधिकारिक नियम का सार है, “अंपायर ही मैदान पर निर्णय देने वाले न्यायाधीश होते हैं।” इसका अर्थ यह नहीं कि हर स्थानीय निर्णय अंतिम रूप से अपरिवर्तनीय होगा, क्योंकि आईसीसी मैचों में निर्णय समीक्षा प्रणाली उपलब्ध हो सकती है।

एक पारी तब समाप्त हो सकती है जब सभी निर्धारित ओवर पूरे हो जाएं, लक्ष्य प्राप्त हो जाए, या बल्लेबाजी टीम के पर्याप्त बल्लेबाज आउट हो जाएं। टेस्ट मैच में समय, फॉलो-ऑन और पारी की घोषणा जैसे अतिरिक्त नियम लागू होते हैं, जबकि ट्वेंटी-20 में 20 ओवर की सीमा रहती है। एक महत्वपूर्ण व्यावहारिक अंतर यह है कि क्लब या स्कूल प्रतियोगिताएं अक्सर 8 या 10 ओवर की पारी रखती हैं और खिलाड़ियों की संख्या 9 तक सीमित कर देती हैं। ऐसी व्यवस्था एमसीसी का सार्वभौमिक नियम नहीं है; इसे आयोजक की खेल-पुस्तिका में स्पष्ट होना चाहिए। मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब के नियम इस मूल ढांचे का सबसे भरोसेमंद संदर्भ है।

सामान्य मैच में किन बातों की पुष्टि करनी चाहिए?

  • टीम में खिलाड़ियों की संख्या और अतिरिक्त खिलाड़ी की भूमिका।
  • पारी में निर्धारित ओवर और प्रति गेंद वैधता।
  • टॉस, रिपोर्टिंग समय और देर से आने पर दंड।
  • सीमा रेखा, छत या जाल से टकराने वाली गेंद का निर्णय।
  • चोटिल बल्लेबाज के लिए धावक की अनुमति है या नहीं।
  • समीक्षा प्रणाली, पावरप्ले और वर्षा-समायोजन की उपलब्धता।

कप्तान को रिपोर्टिंग समय पर टीम सूची जमा करनी चाहिए और अंपायर से विशेष नियम लिखित रूप में पूछ लेने चाहिए। कुछ स्थानीय प्रतियोगिताओं में 10 मिनट का प्रतीक्षा समय दिया जाता है, जिसके बाद अनुपस्थित टीम के विरुद्ध वॉकओवर घोषित हो सकता है। यह 10 मिनट का नियम सार्वभौमिक क्रिकेट कानून नहीं है, इसलिए इसे प्रतियोगिता आयोजक से पुष्ट किए बिना मान लेना गलती होगी।

यदि आप रन और ओवर समझना चाहते हैं: वैध गेंद से गणना करें

एक ओवर में 6 वैध गेंदें होती हैं, लेकिन नो-बॉल और वाइड गेंद ओवर की वैध गेंदों में नहीं गिनी जातीं। बल्लेबाज दौड़कर रन ले सकता है, चौका मार सकता है या छक्का प्राप्त कर सकता है; अतिरिक्त रन नो-बॉल, वाइड, बाई और लेग-बाई के रूप में जुड़ते हैं। सीमा से पहले गेंद जमीन को छूकर बाहर जाए तो सामान्यतः 4 रन मिलते हैं, जबकि बल्लेबाज के बल्ले से लगी गेंद हवा में सीधे सीमा पार करे तो 6 रन होते हैं। हालांकि सीमा के पास कैच, बाउंड्री कुशन और खिलाड़ी के संपर्क से जुड़े निर्णय अंपायर की स्थिति तथा उपलब्ध वीडियो पर निर्भर कर सकते हैं।

स्कोर समझने का सही तरीका यह है कि पहले गेंद की वैधता देखी जाए और फिर रन का प्रकार पहचाना जाए। उदाहरण के लिए, वाइड पर एक अतिरिक्त रन मिलता है और यदि गेंद सीमा तक चली जाए तो कुल 5 वाइड रन हो सकते हैं। नो-बॉल पर कम-से-कम 1 अतिरिक्त रन जुड़ता है; बल्ले से बने रन भी उसी गेंद के कुल में शामिल हो सकते हैं। बाई तब दी जाती है जब गेंद बल्ले से न लगे और बल्लेबाज दौड़ें, जबकि लेग-बाई शरीर से संपर्क के बाद मिलती है, बशर्ते बल्लेबाज ने शॉट खेलने या गेंद से बचने का उचित प्रयास किया हो। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद की प्रतियोगिता शर्तों में प्रारूप के अनुसार अतिरिक्त सीमाएं और पावरप्ले अलग हो सकते हैं।

यहाँ एक कम चर्चित लेकिन उपयोगी सावधानी है: ओवरथ्रो से बने रन तभी जोड़े जाएंगे जब गेंद मृत घोषित न हुई हो और रन लेने की कार्रवाई नियम के भीतर हो। बाउंड्री पर क्षेत्ररक्षक का शरीर या कपड़ा सीमा से संपर्क करे तो चौका या छक्का तय करने में आधुनिक नियम काफी सख्त हैं। इसलिए दर्शक का “गेंद पहले बाहर थी” वाला अनुमान हमेशा सही नहीं होता। स्कोरर को गेंद-दर-गेंद रिकॉर्ड रखना चाहिए, क्योंकि केवल कुल स्कोर देखकर अतिरिक्त रन की गलती पकड़ना कठिन होता है।

close-up of a cricket scoreboard showing wides, no-balls, boundaries, and six legal deliveries in one over

अब नियमों को स्कोरकार्ड से जोड़कर देखना आसान होगा। पिच रिपोर्ट के खिलाड़ी आंकड़ों में कुल रन के साथ अतिरिक्त रन अलग दिखाई देते हैं; यही अंतर बल्लेबाज के व्यक्तिगत स्कोर और टीम के स्कोर को समझने में मदद करता है।

नियमों का सार पढ़ें

यदि आप आउट होने के तरीके जानना चाहते हैं: अपील और अंपायर का निर्णय देखें

क्रिकेट में बल्लेबाज बोल्ड, कैच, एल्बीडब्ल्यू, रन आउट, स्टंप्ड, हिट विकेट, हिट द बॉल ट्वाइस, ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड और टाइम्ड आउट जैसे तरीकों से आउट हो सकता है। सामान्यतः क्षेत्ररक्षण टीम की अपील के बाद अंपायर निर्णय देते हैं, लेकिन बोल्ड और कई स्पष्ट घटनाओं में अपील का स्वरूप अलग हो सकता है। कैच के लिए गेंद का जमीन को छुए बिना नियंत्रण में पूरा पकड़ा जाना आवश्यक है। एल्बीडब्ल्यू में गेंद का पिच पर पड़ना, विकेट की दिशा, बल्लेबाज का संपर्क और शॉट खेलने का प्रयास जैसे कई तथ्य एक साथ देखे जाते हैं।

रन आउट में बल्लेबाज क्रीज के बाहर हो और विकेट गेंद के नियंत्रण में तोड़ा जाए, तो आउट दिया जा सकता है। स्टंपिंग में विकेटकीपर गेंद को पकड़कर विकेट गिराता है, जबकि बल्लेबाज रन लेने के प्रयास में क्रीज से बाहर रहता है। नो-बॉल पर सामान्यतः बोल्ड, कैच और स्टंपिंग से आउट नहीं दिया जाता, मगर रन आउट और कुछ विशेष परिस्थितियां अपवाद बनती हैं। फ्री हिट पर भी रन आउट संभव है; फ्री हिट का अर्थ यह नहीं कि बल्लेबाज हर प्रकार के आउट से सुरक्षित है। यही छोटी बात स्थानीय मैचों में सबसे अधिक विवाद पैदा करती है।

निर्णय समीक्षा प्रणाली कैसे काम करती है?

डीआरएस उपलब्ध होने पर बल्लेबाजी और गेंदबाजी टीम को सीमित समीक्षा मिल सकती है, लेकिन उसकी संख्या, समय सीमा और तकनीकी उपलब्धता आईसीसी प्रारूप तथा प्रतियोगिता नियमों पर निर्भर करती है। मैदानी अंपायर का निर्णय तब तक कायम रहता है जब तक समीक्षा में पर्याप्त प्रमाण न मिले। “अंपायर का निर्णय कायम” जैसी स्थिति तब आती है जब तकनीक निर्णायक रूप से किसी एक पक्ष का समर्थन नहीं करती। स्थानीय टूर्नामेंट में डीआरएस न होना सामान्य है; कुछ आयोजक स्पष्ट रूप से लिखते हैं कि अंपायर का पहला निर्णय अंतिम होगा।

  • कैच में गेंद का जमीन से संपर्क जांचा जाता है।
  • एल्बीडब्ल्यू में गेंद की दिशा और विकेट से टकराने की संभावना देखी जाती है।
  • नो-बॉल में फ्रंट-फुट और कमर से ऊपर की ऊंचाई महत्वपूर्ण हो सकती है।
  • समीक्षा समय समाप्त होने के बाद अनुरोध स्वीकार नहीं किया जाता।
  • तकनीकी खराबी होने पर प्रतियोगिता पुस्तिका का प्रावधान लागू होता है।

एक उपयोगी जानकारी यह है कि समीक्षा प्रणाली स्वयं क्रिकेट का मूल कानून नहीं, बल्कि मैच-विशेष संचालन व्यवस्था है। एमसीसी कानून बताता है कि आउट किस आधार पर है, जबकि आईसीसी और आयोजक बताते हैं कि वीडियो समीक्षा कब और कैसे की जाएगी। इसलिए किसी क्लब मैच में टीवी पर दिखने वाली हर सुविधा की अपेक्षा न करें; पहले अंपायर से पूछना अधिक समझदारी है।

यदि आप छोटे प्रारूप का मैच खेल रहे हैं: स्थानीय नियम लिखित में लें

8 ओवर प्रति पारी, 16 ओवर का पूरा मैच, 9 खिलाड़ियों की टीम, 10 मिनट का प्रतीक्षा समय और “मैजिक ओवर” जैसी व्यवस्थाएं स्थानीय क्रिकेट प्रतियोगिताओं में इस्तेमाल हो सकती हैं, लेकिन ये अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सार्वभौमिक नियम नहीं हैं। कुछ आयोजक मैजिक ओवर में बनाए गए रन को सामान्य से अलग तरीके से गिनने की योजना रखते हैं, जबकि कुछ केवल लक्ष्य-आधारित बोनस देते हैं। नियमों में यदि लिखा हो कि पहली या अंतिम गेंद के रन दोगुने होंगे, तभी ऐसा स्कोर किया जा सकता है। मौखिक घोषणा या दर्शकों की धारणा पर्याप्त प्रमाण नहीं है।

ऐसे प्रारूप में कप्तान को टॉस से पहले पांच प्रश्न पूछने चाहिए: कितने ओवर हैं, गेंदबाज अधिकतम कितने ओवर कर सकता है, सीमा का निर्णय कैसे होगा, फ्री हिट लागू है या नहीं, और चोटिल बल्लेबाज के लिए धावक मिलेगा या नहीं। छत या सुरक्षा-जाल से टकराने वाली गेंद के लिए भी पहले से निर्णय तय होना चाहिए; सीधा जाल लगने पर 6 और टप्पा खाकर जाल तक पहुंचने पर 4 रन देना केवल आयोजक का विशेष नियम हो सकता है। पीछे के जाल से एक रन मिलने जैसी व्यवस्था भी मानक कानून नहीं है। स्थानीय क्रिकेट टूर्नामेंट नियमों की सूची

स्थानीय मैचों में सबसे बड़ा जोखिम यह है कि आयोजक मानक शब्दों का उपयोग करके उनका अर्थ बदल देते हैं। “फ्री हिट” लिखा होने पर यह पूछना चाहिए कि नो-बॉल के बाद अगली वैध गेंद पर लागू होगी या किसी भी अगली डिलीवरी पर। “अतिरिक्त खिलाड़ी” को मैदान में उतरने, बल्लेबाजी करने या गेंदबाजी करने की अनुमति है या नहीं, यह भी अलग विषय है। नियम-पत्र की तस्वीर कप्तान, स्कोरर और अंपायर के पास होनी चाहिए; बाद का विवाद प्रायः इसी साधारण सावधानी से रुक जाता है।

local twenty-over cricket match with captains reviewing a printed rule sheet beside the scorer’s table

मैच समीक्षा पढ़ते समय भी प्रारूप पर ध्यान दें। आईपीएल में लागू नियम किसी 8-ओवर सामुदायिक मैच पर स्वतः लागू नहीं होते, और किसी मित्र-मंडली का “डबल रन” नियम अंतरराष्ट्रीय स्कोरकार्ड में नहीं जोड़ा जा सकता। संदर्भ बदलते ही नियम बदलने की संभावना रहती है।

मैच नियम देखें

किन सामान्य गलतियों से बचना चाहिए?

सबसे आम गलती यह मानना है कि हर चौका और छक्का बल्लेबाज के खाते में जाता है। बाई और लेग-बाई टीम के स्कोर में जुड़ते हैं, पर बल्लेबाज के व्यक्तिगत रन में नहीं। दूसरी गलती नो-बॉल को ओवर की छठी गेंद मान लेना है; नो-बॉल अतिरिक्त रन देती है और ओवर में वैध गेंदों की संख्या पूरी करने के लिए अगली डिलीवरी आवश्यक रहती है। तीसरी भूल फ्री हिट को पूर्ण सुरक्षा समझना है, जबकि रन आउट जैसी स्थितियां अब भी संभव रहती हैं।

इन त्रुटियों से बचने के लिए स्कोरर और कप्तान को हर गेंद के बाद संकेत स्पष्ट रखने चाहिए। अंपायर का हाथ, स्कोरर की प्रविष्टि और इलेक्ट्रॉनिक स्कोरबोर्ड में अस्थायी अंतर हो सकता है; अंतिम पुष्टि ओवर समाप्त होने पर की जानी चाहिए। कैच के मामले में गेंद जमीन को लगी या नहीं, यह केवल अपील की तीव्रता से तय नहीं होता। इसी प्रकार एल्बीडब्ल्यू में गेंद पैड पर लगी दिखना पर्याप्त नहीं है; पिचिंग, इम्पैक्ट और विकेट-हिटिंग तीनों पहलू महत्वपूर्ण हैं।

नियम पढ़ने की व्यावहारिक सूची

  1. मैच प्रारूप और ओवरों की संख्या लिखित रूप में देखें।
  2. टीम में खिलाड़ियों और स्थानापन्न खिलाड़ियों की सीमा जांचें।
  3. नो-बॉल, वाइड, बाई और लेग-बाई के संकेत समझें।
  4. डीआरएस या अंपायर के अंतिम निर्णय की व्यवस्था जानें।
  5. बाउंड्री, जाल, छत और ओवरथ्रो के स्थानीय नियम पढ़ें।
  6. टाई होने पर सुपर ओवर, साझा परिणाम या अन्य प्रावधान देखें।
  7. चोट, धावक और विलंबित खेल की स्थिति पहले स्पष्ट करें।

एक और कम चर्चित बिंदु समय-प्रबंधन है। गेंदबाज के ओवरों के बीच अत्यधिक विलंब पर सीमित ओवर क्रिकेट में दंड, क्षेत्ररक्षण प्रतिबंध या अतिरिक्त कार्रवाई हो सकती है, मगर सटीक प्रावधान प्रतियोगिता के वर्ष और प्रारूप से बदलते हैं। 2026 में किसी टूर्नामेंट को देखने या खेलने से पहले आईसीसी की नवीनतम खेल-शर्तें तथा स्थानीय आयोजक का परिपत्र साथ पढ़ना चाहिए। पुराना स्क्रीनशॉट नियम का भरोसेमंद स्रोत नहीं होता।

30 दिनों में नियमों की समझ कैसे जांचें?

तीस दिनों की छोटी अध्ययन योजना से क्रिकेट के नियम हिंदी में काफी स्पष्ट हो सकते हैं। पहले सप्ताह में पिच, विकेट, क्रीज, ओवर और रन के प्रकार पढ़ें; दूसरे सप्ताह में बोल्ड, कैच, एल्बीडब्ल्यू, रन आउट और स्टंपिंग के वीडियो उदाहरण देखें। तीसरे सप्ताह में स्कोरकार्ड पढ़ते हुए अतिरिक्त रन, गेंदों की संख्या और बल्लेबाज के व्यक्तिगत स्कोर का मिलान करें। अंतिम सप्ताह में किसी स्थानीय मैच की नियम-पुस्तिका को एमसीसी के मूल कानूनों से तुलना करें और देखें कि आयोजक ने कौन से बदलाव किए हैं।

प्रतिदिन 15 मिनट पर्याप्त हैं, बशर्ते अध्ययन निष्क्रिय न हो। किसी एक ओवर को रोककर यह लिखें कि गेंद वैध थी या नहीं, कितने रन बने और बल्लेबाज आउट हो सकता था या नहीं। फिर आईसीसी या एमसीसी के स्रोत से उत्तर मिलाएं। इस अभ्यास से दर्शक अपील और स्कोरबोर्ड दोनों तेजी से समझने लगता है। क्रिकेट स्कोरकार्ड पढ़ने की विस्तृत विधि

तीसवें दिन एक छोटी परीक्षा लें: 6 वैध गेंदों का ओवर बनाइए, उसमें एक वाइड और एक नो-बॉल जोड़िए, फिर कुल गेंदें और रन सही ढंग से लिखिए। उसके बाद एक कैच, एक एल्बीडब्ल्यू और एक रन आउट की स्थिति अलग-अलग समझाइए। यदि उत्तर देते समय आप प्रारूप, अंपायर और स्थानीय नियम का उल्लेख कर पा रहे हैं, तो आपकी समझ केवल रटी हुई नहीं, व्यावहारिक है। यही लक्ष्य होना चाहिए, क्योंकि नियमों का मूल्य तभी है जब वे मैदान पर भ्रम कम करें।

cricket coach and young players studying a scorecard and umpire signals during an afternoon practice

पिच रिपोर्ट पर हमारी दैनिक आईपीएल कवरेज और रणनीतिक विश्लेषण पढ़ते समय इन तीन सवालों को साथ रखें: गेंद वैध थी या नहीं, रन किस खाते में गया, और निर्णय किस नियम के तहत हुआ? यही तीन प्रश्न अधिकांश विवादों को क्रम से खोल देते हैं।

निष्कर्ष

क्रिकेट के नियम हिंदी में समझने के लिए पहले मानक कानून और स्थानीय प्रतियोगिता के बदलावों को अलग करना आवश्यक है। 22 गज की पिच, 6 वैध गेंदों का ओवर, 11 खिलाड़ियों की सामान्य टीम, नो-बॉल, वाइड, कैच, एल्बीडब्ल्यू और रन आउट मूल ढांचे का हिस्सा हैं; 8 ओवर, 9 खिलाड़ी, डबल रन या मैजिक ओवर आयोजक-विशेष नियम हो सकते हैं। एमसीसी और आईसीसी के स्रोतों को प्राथमिकता दें, और मैच से पहले लिखित खेल-शर्तें पढ़ें। नियमों को केवल याद न करें—हर निर्णय को गेंद, रन और अंपायर की भूमिका से जोड़कर देखें।

अब अगली मैच समीक्षा को इन नियमों के साथ समझना शुरू करें।

और जानकारी पढ़ें

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न: क्रिकेट के मूल नियम क्या हैं?

उत्तर: क्रिकेट में दो टीमें रन बनाने और विरोधी बल्लेबाजों को आउट करने का प्रयास करती हैं। सामान्य मैच में प्रत्येक टीम के 11 खिलाड़ी होते हैं, पिच 22 गज की होती है और एक ओवर में 6 वैध गेंदें होती हैं। बल्लेबाज दौड़, चौके और छक्के से रन बनाता है, जबकि गेंदबाज बोल्ड, कैच, एल्बीडब्ल्यू और रन आउट जैसे तरीकों से विकेट लेने की कोशिश करता है। टेस्ट, एकदिवसीय और ट्वेंटी-20 प्रारूपों में ओवर तथा पारियों की संख्या अलग होती है।

प्रश्न: नो-बॉल और वाइड में क्या अंतर है?

उत्तर: नो-बॉल गेंदबाज की डिलीवरी से जुड़ी गलती है, जबकि वाइड गेंद बल्लेबाज की सामान्य पहुंच से बाहर फेंकी गई गेंद होती है। दोनों पर सामान्यतः 1 अतिरिक्त रन मिलता है और वे ओवर की 6 वैध गेंदों में नहीं गिनी जातीं। नो-बॉल के बाद कई सीमित ओवर प्रारूपों में अगली वैध गेंद पर फ्री हिट मिलती है, लेकिन इसका सटीक प्रावधान प्रतियोगिता पर निर्भर करता है। वाइड पर यदि गेंद सीमा तक चली जाए तो कुल 5 वाइड रन मिल सकते हैं।

प्रश्न: क्रिकेट में बल्लेबाज कैसे आउट होता है?

उत्तर: बल्लेबाज बोल्ड, कैच, एल्बीडब्ल्यू, रन आउट, स्टंप्ड, हिट विकेट और कुछ अन्य नियमों के तहत आउट हो सकता है। कैच के लिए गेंद का जमीन को छुए बिना नियंत्रण में पकड़ा जाना जरूरी है, जबकि रन आउट में विकेट टूटते समय बल्लेबाज क्रीज के बाहर होना चाहिए। एल्बीडब्ल्यू में गेंद की पिचिंग, पैड से टकराने का स्थान और विकेट पर लगने की संभावना देखी जाती है। नो-बॉल पर आउट होने के नियम अलग होते हैं, इसलिए हर अपील में गेंद की वैधता पहले जांचें।

प्रश्न: डीआरएस क्या है और क्या हर मैच में उपलब्ध होता है?

उत्तर: डीआरएस निर्णय समीक्षा प्रणाली है, जिसका उपयोग सीमित परिस्थितियों में मैदानी अंपायर के निर्णय की तकनीकी जांच के लिए किया जाता है। आईसीसी मैचों में समीक्षा की संख्या, समय सीमा और उपलब्ध तकनीक प्रतियोगिता की खेल-शर्तों से निर्धारित होती है। स्थानीय क्लब या स्कूल मैच में डीआरएस न होना सामान्य है और अंपायर का पहला निर्णय अंतिम माना जा सकता है। मैच शुरू होने से पहले कप्तान को पूछना चाहिए कि समीक्षा उपलब्ध है या नहीं और उसका अनुरोध कितने समय में करना होगा।

प्रश्न: 8 ओवर और मैजिक ओवर क्या मानक क्रिकेट नियम हैं?

उत्तर: 8 ओवर की पारी और मैजिक ओवर मानक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कानून नहीं, बल्कि स्थानीय टूर्नामेंट के विशेष नियम हैं। आयोजक 16 ओवर के मैच, 9 खिलाड़ियों की टीम, डबल रन या लक्ष्य-आधारित ओवर जैसी शर्तें जोड़ सकते हैं। इन बदलावों को मैच से पहले लिखित नियम-पत्र में स्पष्ट करना जरूरी है, क्योंकि एमसीसी के सामान्य कानून ऐसी व्यवस्थाओं को स्वतः लागू नहीं करते। संदेह होने पर कप्तान, स्कोरर और अंपायर से एक ही व्याख्या की पुष्टि करें।

प्रश्न: चोटिल बल्लेबाज के लिए धावक कब मिल सकता है?

उत्तर: चोटिल बल्लेबाज के लिए धावक की अनुमति केवल उस प्रतियोगिता के नियमों में होने पर मिलती है। कई आधुनिक उच्च-स्तरीय मैचों में धावक की अनुमति सीमित या समाप्त हो सकती है, जबकि स्थानीय मैच आयोजक इसे स्वीकार कर सकते हैं। चोट मैच शुरू होने से पहले लगी थी या खेल के दौरान, बल्लेबाज ने पहले से कोई बीमारी बताई थी या नहीं, और वह स्वयं दौड़ सकता है या नहीं—इन तथ्यों का महत्व हो सकता है। इसलिए धावक को स्वतः अधिकार न समझें; अंपायर से तत्काल निर्णय लें।

प्रश्न: क्रिकेट के नियम सीखने का सबसे अच्छा तरीका क्या है?

उत्तर: नियम सीखने का सबसे प्रभावी तरीका स्कोरकार्ड, वीडियो और आधिकारिक नियम-पुस्तिका को साथ पढ़ना है। पहले 6 वैध गेंदों वाला ओवर समझें, फिर नो-बॉल, वाइड, बाई और लेग-बाई को स्कोर में अलग लिखकर अभ्यास करें। इसके बाद बोल्ड, कैच, एल्बीडब्ल्यू और रन आउट की वास्तविक स्थितियां देखें। 30 दिनों तक प्रतिदिन 15 मिनट अभ्यास करने और स्थानीय मैच की खेल-शर्तों को एमसीसी तथा आईसीसी स्रोतों से मिलाने पर नियमों की व्यावहारिक समझ मजबूत हो जाती है।

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प्रसारण समाप्त

पिच रिपोर्ट · RADICAL ARCHIVE · ISSUE 001

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